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Vedio राफेल: CAG की रिपोर्ट में गड़बड़ी की आशंका जताई कपिल सिब्बल ने, कहा खुद की गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच की उम्मीद बेमानी

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कपिल सिब्बल ने कहा की वर्तमान सीएजी, राजीव महर्षि को पर्त्मान सरकार द्वारा 24 अक्टूबर 2014 से 30 अगस्त 2015 तक वित्त सचिव के रूप में नियुक्त किया गया था। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने फ्रांस का दौरा किया और 36 राफेल विमानों के सौदे की घोषणा की।
पीएम मोदी द्वारा 10 अप्रैल 2015 को फ्रांस में नए राफेल सौदे की घोषणा की गई थी और जून 2015 में 126 विमानों के लिए पुराने सौदे को रद्द कर दिया गया था।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने रविवार, 10 फरवरी को राफेल सौदे पर सरकार की CAG की रिपोर्ट में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए कहा कि जिस अधिकारी के नेतृत्व में राफेल विमान कि डील हुई थी वह अधिकारी अगर जाँच करेगा तो निष्पक्ष जांच की उम्मीद करना बे मानी है। मंत्री कपिल सिब्बल ने ये आशंका एक पत्रकार वार्ता में जताई।

उन्होंने कहा की वर्तमान सीएजी, राजीव महर्षि को पर्त्मान सरकार द्वारा 24 अक्टूबर 2014 से 30 अगस्त 2015 तक वित्त सचिव के रूप में नियुक्त किया गया था। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने फ्रांस का दौरा किया और 36 राफेल विमानों के सौदे की घोषणा की।
पीएम मोदी द्वारा 10 अप्रैल 2015 को फ्रांस में नए राफेल सौदे की घोषणा की गई थी और जून 2015 में 126 विमानों के लिए पुराने सौदे को रद्द कर दिया गया था।

पीएम मोदी द्वारा 10 अप्रैल 2015 को फ्रांस में नए राफेल सौदे की घोषणा की गई थी और जून 2015 में 126 विमानों के लिए पुराने सौदे को रद्द कर दिया गया था।

वित्त मंत्रालय सौदों की बातचीत में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और इस अवधि के दौरान राजीव महर्षि वित्त सचिव थे।

अब राजीव मेहरिशी सीएजी हैं। दो बार, हम राफेल घोटाले पर उचित जांच के लिए अनुरोध करने के लिए 2018 के सितंबर और अक्टूबर में सीएजी के पास अपने प्रतिनिधिमंडल को ले गए। लेकिन, कैग खुद के खिलाफ जांच कैसे करेगा?

यह हितों का एक प्रमुख संघर्ष है। अब हम दृढ़ता से मानते हैं कि मोदी सरकार खुद को बचाने के लिए सब कुछ कर रही है।

हालाँकि, CAG रिपोर्ट संसद को प्रस्तुत नहीं की गई थी, जैसा कि फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था, सरकार को रिपोर्ट की सामग्री पहले से ही पता थी।

उन्होंने कहा कि CAG अपने उस निर्णय के खिलाफ रिपोर्ट कैसे कर सकता है , जिसने राष्ट्र के हित से समझौता किया, जब वह वित्त सचिव के रूप में इसमें शामिल थे?

सिब्बल कहते हैं, “अधिकारियों को पता होना चाहिए कि चुनाव आते हैं और जाते हैं। कभी हम विपक्ष में होते हैं और कभी हम सत्ता पक्ष होते हैं। हम उन अधिकारियों पर नज़र रखेंगे जो उत्साही हैं और पीएम मोदी के प्रति निष्ठा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।

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