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पल-पल बदल रहा है जींद उप चुनाव का गणित और ग्राफ

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सभी पार्टियों के प्रत्याशियों के
पास कारण है जीतने के,
चौटाला के दौरे से फिर आयेगा हालातों में बदलाव

चंडीगढ़। जींद का उप चुनाव अब गति पकडऩे
लगा है। प्रत्याशियों ने अपना स�पर्क
अभियान शुरू कर दिया है तो राजतनैतिक
चर्चाकारों ने जीत-हार के कयास लगाने
शुरू कर दिए है। भाजपा प्रत्याशी कृष्ण
मिढ़ा ने मतदाताओं से स�पर्क करना शुरूकर दिया है। परन्तु अभी उनको
पार्टी की ओर से कोई भी गाईड
लाईन नहीं मिली है। बताया गया है कि अभी
एक-दो दिन में मिढ़ा के चुनाव प्रचार को नई
दिशा और गति मिलेगी, जब पार्टी आलाकमान
की ओर से उनको दिशा-निर्देश मिल
जायेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार
शनिवार की शाम तक कृष्ण मिढ़ा का चुनाव
प्रचार अपना स्वरूप ले लगा। आने वाले दिनों
में भाजपा के दिज्गज नेता जींद में डेरा डालने
वाले हैं। भाजपा चुनाव जीतने के लिए अपनी
पूरी ताकत झौंकने जा रही हैं। पार्टी
स्तर पर नेताओं और कार्यकर्ताओं की
ड्यूटी लगाई जा रही है। भाजपा का
बड़ा फोक्स युवा और गैर-जाट मतदाताओं

पर रहेगा। पहली बार बने मतदाताओं पर
सभी राजनैतिक दलों का ध्यान लगा रहेगा।
नव गठित जन नायक जनता पार्टी के प्रत्याशी
दिगिवजय चौटाला खुद युवा है और कालेज
में पढऩे वाले युवाओं पर खासी पकड़ रखते
हैं। पार्टी के इकलोते सांसद दुष्यंत
चौटाला को पार्टी द्वारा युथ
आईकॉन के रूप में प्रचरित किया जा रहा
है। जींद क्षेत्र मे सांसद दुष्यंत चौटाला के
प्रभाव और पकड़ का उनके छोटे भाई
दिज्विजय चौटाला को पूरा लाभ मिलेगा।
पार्टी और प्रत्याशी दोनों ही पहली
बार चुनाव लड़ रहे हैं। इनेलो के उमेद
सिंह रूढू को क्षेत्र में अपने स�बंधों पर
पूरा विश्वास है। ऐसे निर्णय का एककारण
यह भी माना जा रहा है कि पाटर्री पर
परिवारवाद के आरोप न लगे। चुनाव में
उनको इनेलो सुप्रीमो ओम प्रकाश
चौटाला के नाम का सहारा रहेगा। अभी
ओम प्रकाश चौटाला जल से जमानत पर आने
वाले हैं और वें अपनी पार्टी प्रत्याशी को
जीत दिलवाने के लिए अभियान चलायेंगे। रेढू
को चौटाला और देवीलाल के नाम पर
आने वाले वोटों पर पूरा भरोसा है।
इतना ही नहीं इनेलो प्रत्याशी अपनी
पार्टी के कैडर की ताकत को अपनी जीत का

आधार मान रहे हैं। भाजपा के विद्रोही
सांसद राजकुमार सैनी की नव गठित पार्टी
लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी क े प्रत्याशी विनोद
आश्री की पिछड़े और दलित मतदाताओं पर
नजरे लगी हुई है। पार्टी नई होने के
कारण उनको कई तरह की आपदाओं से
अवश्य गुजरने पड़ेगा। कांग्रेस के दिज्गज नेता
रणदीप सुरजेवाला के कारण इस उप
चुनाव का गणित ही बिगड़ गया है। क्योकि
सुरजेवाला कांग्रेस का बड़ा चेहरा है,
जिसको खुद राहुल गांधी ने भेजा है। कहा
जा रहा है कि रणदीप सुरजेवाला कांग्रेस
के नहीं राहुल गांधी के प्रत्याशी हैं।
इसीलिए नामांकन पत्र दाखिल करने के समय सभी
दिज्गज कांग्रेसी नेता मौजूद थे। चार साल बाद
पहली बार कांग्रेस एकजूट नजर आई।
चर्चाकारों का कहना है कि अगर
हरियाणा कांग्रेेस इसी एकजूटता से चुनाव
लड़े तो पूरा परिदृष्य ही बदल सकता है।
सुरजेवाला ने अपना चुनाव अभियान कांग्रेस से
किसी कारण से रूठने वाले नेताओं को
मनाने सेशुरू किया है। वें पूर्व मंत्री
मांगेराम गुप्ता ने निवास पर भी उनसे मिलने
गए। सुरजेवाला ने दाव किया है कि कांग्रेस
को चुनाव में मांगेराम गुप्ता का साथ मिलेगा।
कांग्रेस प्रत्याशी सुरजेवाला को अपने गैर-

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