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पंजाब

मानवता की दीवार से एक वर्ष में 9213 लोगों ने लिया लाभ

नव वर्ष से असहाय लोगों के घावों पर मरहम पट्टी भी शुरू

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अबोहर (संजीव गांधी): मानव हो मानव को प्यारा, एक दूसरे का बनो सहारा के रास्ते पर चल रही समाजसेवी संस्था मानव सेवा समिति अबोहर द्वारा साल 2018 के आरंभ में कोर्ट परिसर के निकट सीतो रोड़ पर मानवता की दीवार का शुभ आरंभ किया गया था। इस दीवार के माध्यम से असहाय और जरूरतमंद लोगों को पहनने योग्य वसत्र, बुट-चप्पल और बच्चों के पढने-लिखने के लिए कापी-किताबें और स्टेशनरी का सामान बांटा जाता है। इस दीवार पर हर रोज सुबह करीब 9:30 बजे से शाम करीब 5 :00 बजे तक सेवाएं प्रदान की जाती हैं। वर्ष 2018 में इस दीवार के माध्यम से 9213 लोगों ने लाभ लिया और 523 दानवीरों द्वारा इस दीवार पर अपनी सेवाएं देते हुए पहनने योग्य वस्त्र एवम्, बुट-चप्पल और कापी-किताबें भेंट की गई हैं।

जानकारी देते हुए संस्था के चैयरमैन श्री अमीर कम्बोज ने बताया कि नेकी की दीवार की तर्ज पर जरुरतमंद और असहाय लोगों की सहायता के लिए संस्था द्वारा पिछले साल 1 जनवरी को मानवता की दीवार का निर्माण करवाया गया था जिसका शुभारंभ अबोहर के माननीय एस. डी. एम. पुनम सिंह जी द्वारा अपने कर कमलों से किया गया था। आज इस दीवार को चलते हुए एक वर्ष पुरा हो गया है। बीते साल में इस दीवार के माध्यम से 9213 लोगों द्वारा लाभ लिया गया है, जिसमें पहनने योग्य वस्त्र, बुट-चप्पल, बच्चों के पढने के लिए कापी-किताबें, स्टेशनरी का सामान और एक-एक थैली नमक अथवा विभिन्न प्रकार का सामना वितरित किया गया है। इस दीवार पर दानवीरों द्वारा भरपूर सहयोग दिया जा रहा है जिसके चलते बीते वर्ष में इस दीवार पर 72 दानवीरों द्वारा गुप्त रूप से और 451 दानवीरों द्वारा प्रतख रुप से मानवता की भलाई के लिए अपनी सेवाएं प्रदान की हैं। इसके अलावा संस्था द्वारा विभिन्न प्रकार की सेवाएं प्रदान की जा रही हैं, जिसके चलते संस्था के सेवादारों द्वारा बीते साल में आपातकालीन परिस्थिति में मरीजों को फरैश रक्त की जरूरत पडने पर 236 युनिट फरैश रक्तदान करके मानवता की सेवा में अपना योगदान दिया गया है। 19 जरुरतमंद परिवारों को जरूरी घरेलू राशन वितरित किया गया। जो लोग किसी वजह से चलने-फिरने से असमर्थ हो गए हैं उन 4 बिमार लोगों को व्हीलचेयर और 2 लोगों को वाकर भेंट किए गए हैं। जिन लोगों को कैल्शियम की कमी हो गई थी उनके लिए 855 कैल्शियम की गोलियां वितरित की गई। संस्था द्वारा रोजगार के मौके नामक वहाटसैप ग्रुपों के माध्यम से 14 लोगों को रोजगार हासिल हुआ। भले व्यक्तियों की देखभाल की सेवा के दौरान लावारिस हालत में मिले 21 व्यक्तियों को आश्रम/घर पहुंचाया गया, जिनमें से 4 लोगों को अपना घर आश्रम गांव खयालीवाला श्री गंगानगर, 1 व्यक्ति को कुशट आश्रम लुधियाना और 1 व्यक्ति को पदमपुर आश्रम में और बाकी 15 लोगों को उनके घर में जाकर परिवार के पास छोड़ा गया। बीते साल में आखों की बिमारी से पीड़ित 28 लोगों का आप्रेशन तथा ईलाज करवाया गया। शरीरिक रूप से बीमार 5 लोगों के आप्रेशन और ईलाज करवाया गया और 74 लोगों की विभिन्न प्रकार की बीमारीयों का ईलाज करवाया गया। ऐक्सिडेंट की घटनाओं की रोकथाम के लिए 279 बेसहारा पशुओं के गले में रेडिअम बैलटें डाली गई और 1000 व्हीकलों पर रिफ्लेक्टर लगाए गए हैं। 19 बेसहारा पशुओं के घावों पर मरहम पट्टी करने की सेवा की गई और 7 मरे हुए पशुओं को उठवाया गया। बीते वर्ष के 3 असहाय कन्याओं की शादी में सहयोग किया गया है। सेवादारों के दिलों में देश भक्ति और सेवा का जज्बा बनाए रखने के लिए 2 देश भक्ति यात्राएं करवाई गई। देश को स्वच्छ रखने के लिए 3 सफाई अभियान चलाए गए। पर्यावरण को संभालने में सहयोग करते हुए 106 पौधे लगाए गए हैं। इसके अलावा बेसहारा और जरूरतमंद लोगों को ठंड से ठिठुरने से बचाने के लिए चलाए गए अभियान के तहत इस सर्दी में सडकों, फुटपाथों पर, रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, पार्क में अपना जीवन व्यतीत कर इस सर्दी के मौसम में अभी तक 80 लोगों को 13 कम्बल, 65 लोई 2 बिस्तर इत्यादि भेंट किए गए हैं।
यह सभी सेवाएं शहरवासियों और नजदीकी गांवों में रहने वाले दानवीरों के सहयोग से ही संभव हो पायी हैं, इसलिए मानवता की सेवा में अपना योगदान देने वाले दानवीरों का संस्था द्वारा आभार व्यक्त किया जाता है

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