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नकल-विहीन परीक्षा के लिए प्रयास करे सभी लोग : कॅप्टन मनोज कुमार

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भिवानी, 29 दिसम्बर, 2018 : आगामी 05 व 06 जनवरी  को आयोजित होने वाली हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा के नकल-विहीन संचालन, परीक्षा को पारदर्शी, विश्वसनीय व पावन बनाने हेतु सभी जिला शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य, मुख्याध्यापक, प्रवक्ता व अध्यापक व बोर्ड के अधिकारी/कर्मचारी पूर्ण इमानदारी व कत्र्तव्यपरायणता से कार्य करें। हरियाणा को नकल मुक्त प्रदेश बनाने के लिए सभी एकजुट होकर हर-संभव प्रयास करें।
ये उद्गार हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. जगबीर सिंह ने आज यहाँ बोर्ड मुख्यालय पर आयोजित जिला शिक्षा अधिकारियों, शिक्षकों व बोर्ड के अधिकारियों/कर्मचारियों की बैठक को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। इस अवसर पर बोर्ड सचिव कैप्टन मनोज कुमार, एच.सी.एस. भी उपस्थित थे। डॉ. जगबीर सिंह एवं कैप्टन मनोज कुमार द्वारा जिला शिक्षा अधिकारियों के अलावा अध्यक्ष के विशेष उडऩदस्तों व बोर्ड अधिकारियों/कर्मचारियों के उडऩदस्तों को एचटेट परीक्षा के सुसंचालन के लिए दिशा-निर्देश दिए गए तथा उडऩदस्तों के कत्र्तव्य व उत्तरदायित्व की जानकारी दी।
बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि 04 जनवरी से 06 जनवरी तक सभी जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में भी एक कंट्रोल रूम स्थापित किये गये हैं। इस कंट्रोल रूम पर नियुक्त जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा अपने कार्यालय के एक अधिकारी, दो कर्मचारी तथा एक चतुर्थ श्रेणी की नियुक्ति की गई है। इस कंट्रोल रूम पर नियुक्त अधिकारी बोर्ड मुख्यालय पर स्थापित कंट्रोल रूम से सीधा संपर्क बनाए रखेंगे। उन्होंने कहा कि यह नियंत्रण कक्ष अपने जिले के गठित उपायुक्त/उप-मण्डल अधिकारी (ना.)/जिला शिक्षा अधिकारी तथा अन्य उडऩदस्तों की निरीक्षण रिपोर्ट लेगा तथा इस रिपोर्ट को कंसोलिडेट करते हुए परीक्षा वाले दिन ही बोर्ड में स्थापित नियंत्रण कक्ष को भेजेगा। इसके अतिरिक्त परीक्षा के दौरान यदि किसी परीक्षा केंद्र पर कोई अप्रिय घटना घटित होती है तो उसकी सूचना भी अविलम्ब बोर्ड मुख्यालय के नियंत्रण कक्ष पर दी जानी अति-आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा अपने जिले में स्थापित परीक्षा केंद्रों के निरीक्षण हेतु अपना उडऩदस्ता गठित करेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी स्वयं इस उडऩदस्ते के संयोजक होंगे तथा प्राचार्य, मुख्याध्यापक, प्रवक्ता स्तर के दो-दो सदस्यों की नियुक्ति अपने उडऩदस्ते में करेंगे, जिसमें एक महिला सदस्य का होना अनिवार्य है।
बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि सभी जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा अपने-अपने जिले में स्थापित परीक्षा केंद्रों पर जैमर, सीसीटीवी इत्यादि की रिपोर्ट प्रमुख केंद्र अधीक्षक/केंद्र अधीक्षक से लेते हुए या स्वयं निरीक्षण करते हुए 04 जनवरी, 2019 को सायं 04:00 बजे तक बोर्ड मुख्यालय में स्थापित नियंत्रण कक्ष में निर्धारित प्रोफार्मे भरते हुए भेजना अनिवार्य है।
विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए डॉ. जगबीर सिंह ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी जिले में स्थापित परीक्षा केंद्रों पर कैमरामैन, जैमरमैन, बॉयोमैट्रिक, फ्रिस्किंग व सीसीटीवी प्रतिनिधियों को बोर्ड द्वारा पहचान-पत्र जारी किए गए हैं। इन पहचान-पत्रों पर उनके जिला फर्म प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर उपरांत इन सभी पर केंद्र अधीक्षक द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित किए जाने जरूरी हैं। उन्होंने आगे बताया कि सभी जिला शिक्षा अधिकारी परीक्षा से पूर्व उपायुक्त एवं पुलिस प्रमुखों से तिथि, समय लेकर स्थान निश्चित करते हुए प्रश्र-पत्र उडऩदस्तों व प्रमुख केंद्र अधीक्षक/केंद्र अधीक्षक के साथ एक बैठक का आयोजन करवाना सुनिश्चित करें। बैठक के लिए निर्धारित करवाई गई तिथि एवं स्थान की सूचना भी बोर्ड कार्यालय को अविलम्ब देंगे।
उन्होंने बताया कि सभी जिलों में स्थापित परीक्षा केंद्रों के निरीक्षण हेतु उप-जिला शिक्षा अधिकारी/जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी/खण्ड शिक्षा अधिकारी/खण्ड मौलिक शिक्षा अधिकारी/वरिष्ठ प्राचार्य के प्रत्येक 04-04 परीक्षा केंद्रों पर 01-01 सहायक उड़दस्ता बोर्ड द्वारा गठित किया जायेगा। इन उडऩदस्तों द्वारा प्रत्येक परीक्षा केंद्र का 30 मिनट निरीक्षण करना अनिवार्य है।
बोर्ड सचिव कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि किसी भी समस्या का समाधान करने के लिए बोर्ड मुख्यालय पर एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जा चुका है, जिसके हेल्पलाईन नं 01664- 254301, 254302, 254304, 254601, 254604 तथा वॉट्सअप नं 8816840349 रहेंगे।
उन्होंने बताया कि सभी उडऩदस्तों में नियुक्त संयोजक एवं सदस्य परीक्षा से पूर्व यह सुनिश्चित कर लें कि उन्हें अलॉट परीक्षा केंद्र पर उनका कोई सगा-सम्बन्धी, रिश्तेदार, पति-पत्नी व ब्लैड रिलेशन का कोई अभ्यर्थी परीक्षा न दे रहा हो, यदि ऐसा कोई अभ्यर्थी परीक्षा दे रहा है तो उसकी सूचना तुरंत नियंत्रण कक्ष, भिवानी में देंगे तथा उस परीक्षा केंद्र पर निरीक्षण हेतु नहीं जाएगें। उडऩदस्तों में नियुक्त सभी संयोजक एवं सदस्य निरीक्षण के दौरान बोर्ड कार्यालय से जारी पहचान-पत्र लगाकर रखेंगे। सभी उडऩदस्तों द्वारा किसी एक परीक्षा केंद्र की ओपनिंग एवं क्लोजिंग करवाई जानी अति आवश्यक है। सभी उडऩदस्ते निर्देश पुस्तिका में दिए गए प्रत्येक बिन्दू/हिदायतों का अच्छी प्रकार से अवलोकन कर लें ताकि किसी प्रकार की कठिनाई न आए।
बोर्ड सचिव ने बताया कि यदि किसी भी अभ्यर्थी के पास कोई इलैक्ट्रोनिक उपकरण जैसे मोबाईल फोन, पेजर, ब्लूटुथ, कैल्कुलेटर, घड़ी व मुद्रित कागज अथवा किसी भी प्रकार की प्रतिबन्धित सामग्री जिसका प्रयोग अनुचित साधन के रूप में किया जा सके, तो उस अवस्था में उसका यूएमसी दर्ज किया जाएगा तथा केंद्र अधीक्षक के माध्यम से एफ.आई.आर. भी दर्ज करवाई जायेगी। उन्होंने आगे बताया कि समय-समय पर जैमर, बायोमैट्रिक, विडियोग्राफी, सी.सी.टी.वी. कैमरों का चैक करना अति आवश्यक है। बायोमैट्रिक के माध्यम से सभी अभ्यर्थियों के अंगूठे का निशान लगवाना व विडियोग्राफी/सी.सी.टी.वी. कैमरों भली-भांति कार्य कर रहे हों।
उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्र में बिना पहचान-पत्र किसी भी अधिकारी / कर्मचारी का प्रवेश नहीं होगा, इसलिए सभी अधिकारी / कर्मचारी अपना पहचान-पत्र साथ लेकर ही परीक्षा केंद्रों पर उपस्थित रहें तथा परीक्षा केंद्र पर नियुक्त स्टॉफ द्वारा भी परीक्षा के दौरान गले में पहचान-पत्र डालकर रखा जाना अनिवार्य है। फर्म की ओर से नियुक्त जैसे कैमरा मैन, बायोमैट्रिक मैन, सीसीटीवी इत्यादि के कर्मचारी भी पहचान-पत्र पहनना अनिवार्य है।
बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि अभ्यर्थियों के प्रवेश के दौरान मुख्य गेट पर मेटल डिटेक्टर द्वारा फ्रिस्किंग के माध्यम से तलाशी ली जायेगी तथा उप-केंद्र अधीक्षक द्वारा अभ्यर्थियों के पहचान-पत्र व एडमिट कार्ड की जांच करते हुये परीक्षा केंद्र में प्रवेश करवाया जायेगा। इसके अतिरिक्त परीक्षा केंद्र पर लगातार विडियोग्राफी होगी। सभी परीक्षा केंद्रों पर जैमर भी लगाये गये हैं व बायोमैट्रिक के माध्यम से अभ्यर्थियों के बाये हाथ के अंगूठे का निशान लिया जायेगा। सी.सी.टी.वी. कैमरे के माध्यम से अभ्यर्थियों पर कड़ी निगरानी रखी जायेगी।
उन्होंने आगे बताया कि महिला अभ्यर्थियों को मंगलसूत्र पहनने, बिन्दी व सिंदूर लगाने की ही छूट होगी। अन्य किसी प्रकार जैसे अंगूठी, चैन, बालियां इत्यादि ले जाने की स्वीकृति नहीं होगी। सिख अभ्यर्थियों को धार्मिक आस्था के चिन्ह ले जाने की अनुमति होगी। उन्होंने आगे बताया कि नेत्रहीन/अशक्त अभ्यर्थियों का 20 मिनट प्रति घंटा के हिसाब से कुल 50 मिनट अतिरिक्त दिये जायेगें। इसकी ओ.एम.आर. सीट भी अलग से लिफाफा में केंद्र अधीक्षक द्वारा भेजी जानी है। सचिव ने बताया कि परीक्षा आरम्भ होने के पश्चात् 15 मिनट के अन्दर-अन्दर शेष बची अप्रयुक्त बुकलेट्स कपड़े की थैली लिफाफे में डालकर सील की जानी होगी।
बोर्ड सचिव ने बताया कि परीक्षा हेतु परीक्षार्थी केवल ब्लैक / ब्लयू बॉल पवाईंट पेन तथा रंगीन प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड), सत्यापित रंगीन फोटो, कंफ्रमेशन पेज तथा पहचान पत्र के तौर पर मूल आधार कार्ड लाना अनिवार्य है।
बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि इस परीक्षा में 3,76,335 अभ्यर्थी 1224 परीक्षा केन्द्रों पर प्रविष्ठ होंगे। 05 जनवरी को लेवल-3 (पीजीटी) की परीक्षा के लिए 338 परीक्षा केंद्र तथा 06 जनवरी को लेवल-1 (पीआरटी) की परीक्षा के लिए 422 परीक्षा केंद्र एवं लेवल-2 (टीजीटी) की परीक्षा के लिए 464 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं।
बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि लेवल-1 (पीआरटी) में 1,30,285 अभ्यार्थियों में 89,867 महिलाएं, 40416 पुरूष व 02 ट्रांसजेंडर शामिल हैं। लेवल-2 (टीजीटी) में 1,42,605 अभ्यार्थियों में 1,01,854 महिलाएं, 40,749 पुरूष व 02 ट्रांसजेंडर शामिल हैं तथा लेवल-3 (पीजीटी) में 1,03,445 अभ्यार्थियों में 70,881 महिलाओं, 32,563 पुरूषों व 01 ट्रांसजेंडर शामिल होगें। पंजीकरण सफल न होने के कारण 62 अभ्यर्थियों के आवेदन रद्द किए गए हैं।

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