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आज एमएएसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल नारनौल में बच्चों को नैतिक मूल्यों की शिक्षा पर आधारित सेमीनार का आयोजन किया।

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नारनौल, 12 अक्तूबर। हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा साप्ताहिक सेमीनार के तहत आज एमएएसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल नारनौल में बच्चों को नैतिक मूल्यों की शिक्षा पर आधारित सेमीनार का आयोजन किया।

जिला बाल कल्याण अधिकारी एवं योजना के राज्य नोडल अधिकारी विपिन कुमार शर्मा ने बताया कि नैतिक गुणों की कोई सूची नहीं बनाई जा सकती। लेकिन हम मनुष्य में अच्छे गुणों को नैतिक कह सकते हैं जो व्यक्ति के स्वयं के विकास और कल्याण के साथ दूसरों के कल्याण में भी सहायक हो। नैतिक मूल्यों का समावेश जीवन के सभी क्षेत्रों में होता है। व्यक्ति परिवार, समुदाय, समाज, राष्ट्र से मानवता तक नैतिक मूल्यों की यात्रा होती है। नैतिकता समाज में सामाजिक जीवन को सुगम बनाती है। मानव को सामाजिक प्राणी होने के नाते कुछ सामाजिक नीतियों का पालन करना पड़ता है जिनमें संस्कार, सत्य, परोपकार, अहिंसा आदि शामिल है।

उन्होंने बताया कि ये सभी नैतिक गुणों में आते हैं और बच्चों को इन्हें बचपन से ही धारण कर लेना चाहिए ताकि अच्छे परिवार, समाज, राष्ट्र का निर्माण हो सकें। उन्होंने बच्चों को उच्च श्रेणी की शिक्षा प्राप्त करने के साथ-साथ नैतिक मूल्यों की शिक्षा को भी अवधारण करने के लिए प्रेरित किया तथा अपने बुजुर्गों, अध्यापकों व अपने सभी सगे-संबंधियों का आदर करने की अपील की।

इस मौके पर नशा मुक्ति एवं पूनर्वास केन्द्र से परियोजना निदेशक रोहताश रंगा ने अपने विचारों से बच्चों को अवगत करवाते हुए कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ नशे आदि से दूर रहना चाहिए तथा अपने परिवार, सगे-संबंधियों को भी नशे से दुर रहने के लिए प्रेरित करना चाहिए। नशा मनुष्य को शारीरिक, मानसिक व सामाजिक रूप से कमजोर बनाता है जिससे वह व्यक्ति समाज में भी अपना सम्मान खो देता है तथा उसे सभी हीन भावना से देखते हैं।

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इस अवसर पर स्कूल के प्राचार्य राजेश शर्मा, प्रशासक हरीश गुप्ता, पीटीआई देवेंद्र सैनी, अध्यापक निशांत बंसल, राजीव गौड़, सुषमा, अंतिमा, सुरेंद्र शर्मा व स्कूल के अध्यापकगण एवं बच्चे उपस्थित थे।

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